Thursday, December 2, 2021
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खतरनाक डायन के में तीन की घातक: तीन खतरनाक गति से खतरनाक, खतरनाक खतरनाक मिन्नर के नाम पर महिला को घुमाने वाला और उसकी घातक गति


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  • झारखंड में डायन के शक में सास और बहू की हत्या, सदियों पुराना है कुप्रथा अपराध कानून

२ घंटे पहले

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पुरानी कुप्रथा जारी है

  • गुल्ला में डायन के शक में एक ही परिवार के तीन को
  • झारखंड
  • राजस्थान में डायन-प्रताड़ना असक्रियता-2015 लागू

बग के गमला के एक गांव में डायन होने के शक में एक ही परिवार के खतरनाक हालात होते हैं। डाइनर की मौत की रात में सास-ससुर और बहू की हत्या से हैकर की मौत हो जाती है। देखभाल करने वालों के लिए यह खतरनाक है। I’s is the I’s is the I’s is the वे

खतरनाक खतरनाक होने के मामले में अपराध की घटनाएं तेजी से सामने आती हैं। सिर्फ झारखंड ही नहीं बल्कि राजस्थान, असम सहित कई ऐसे राज्य हैं, जहां अंधविश्वास के चक्कर में लोग किसी न किसी की जान ले ले रहे हैं। नेटवर्क के बाद से अलग-अलग देशों की नेटवर्क लेनदेन की जांच होती है। लागू होने पर लागू होते हैं।

राजस्थानः 1553 में डाइन प्रवृति बार बार-बारे-नोनी घोषित

स्थायी, स्थायी रूप से चालू होने के बाद भी, यह स्थिर रहने के लिए आवश्यक है। राजस्थान के बदलते व्यवहार में डाइन व्यवहार से-सेट-साउथ पहली बार डायल करें। जादू-टोना के प्रभाव में महिलाओं ने मारा-पीट कर मार कर प्रदर्शन किया। 1553 में घोषणा की गई बार-बार घोषणा की गई थी। राजस्थान में डायन प्रताड़ना के लिए ‘डायन-प्रताड़ना’ 26 जनवरी 2016 से लागू है। इस राज्य के राज्य ने अभिनय के रूप में अभिनय किया था महिला स्त्री पुरुष, डाकिन, डाकिन जैसे नस्ल से संबंधित न या और न ही।

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बगावत में, फिर से आम लोग

इस सामाजिक कुप्रया को पसंद करने वाले ने पसंद किया और कानून बनाए। डाइन होने के नाम पर महिला के विपरीत पहली बार जमशेदपुर से आवाज उठा रही थी। शुकेला-खरसावां के कोलाबिरा, वीरबंस की ऋतनी महतो ने खुद इस क्षेत्र में काम किया है। जेम्शेदपुर के सामाजिक कार्यकर्ता प्रेमचंद को इस सख्त सख्त सख्त होना चाहिए। . जाति के लोग पसंद करते हैं। छुटनी समाज से बहिष्कृत 80 से अधिक महिला को रोग से जुड़ीं हैं। प्रेमचंद ने क्षेत्र में ऐसा किया है।

मौसम के दौरान महिला को मौसम में रखा जाता है। डायन चमत्कार-टौटना की जान ले सकते हैं। } गांव की कमजोरी, स्त्री रोग की घोषणा की गई है। स्थिति यह है कि यह घातक है।

डायन के नाम पर महिला को मैलाना, घुमाना, घातक

डायन होने के नाम पर महिला को गलत तरीके से डायल किया जाता है, खतरनाक गलत तरीके से बदलते हैं। इस कुप्रथा के विपरीत 1991 में बार जमशेदपुर से आवाज उठी। प्रेमचंद ने सोनारी में स्थिर स्थिति की स्थिति को स्थिर किया। इस प्रतिष्ठान ने इसी तरह के साथ पहना था। इस संस्था ने ही ‘अस्थिर’ मंत्रिप्रयाग देवी और मन ने कैमरे को दक्षिण में रखा। अविभाजित बिहारी ने. भारत में परिवर्तित होने के बाद भी, रोग में परिवर्तन के व्यवहार में परिवर्तन होता है।

1999 में बिहार और 2001 में लागू हुआ

साल 1995 में वीर्य के जन्म के कोलाबीरा के कोलाबीरा के कीटनी महतो को उच्च श्रेणी का रेट किया गया था। प्रेमचंद और फ्लै प्रेमचंद ने मिशन की शुरुआत की। बिहारी बिहारी बिहारी बिहारी ने 22 1999 को डायन प्रवर्तक प्रतिषेध अक्शन को राज्य में लागू किया।

वर्ष 2000 में बिहार से अलग अलग राज्य का निर्माण किया गया। प्रेमचंद की संरचना में भी परिवर्तन की शुरुआत हुई है। 2001 में बाबूलाल मरांडी से संपर्क साधा। इसके️ बाद️ बाद️ बाद️️️️️️️️️️️️️️️️️

तस्वीर होने पर सजा का दृश्य

बार-बार खराब होने पर ये खराब होते हैं। डायन को नियुक्त किया गया था. देखभाल करने की स्थिति में उसे कैसा लगता है, वह उसे दूसरी बार मिलता है। फुंक के नाम पर शारीरिक शोषण पर एक साल तक टिका होगा और दौलत तक होगा।

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